Home > Hindi > २०१० – घोटाला वर्ष

२०१० – घोटाला वर्ष

भारत में ‘घोटाला’ यह शब्द नया नहीं है| भारत का राजनितिक इतिहास घोटालो से भरा पड़ा है| भ्रष्टाचार ने अपनी जड़े इस तरह मजबूत कर ली है की आम जनता ने इसे अपने दैनिक व्यवहार में अपना लिया है| किसी ने भारत में भ्रष्टाचार के बारे में कहा है –
“भ्रष्टाचार की सड़क बिछी है दिल्ली तक, घुटनों तक पाँव सने है सबके |”
यूँ तो चार-पाँच वर्ष में एक बड़ा घोटाला सुनने को मिलता है | परन्तु २०१० वर्ष ‘घोटाला वर्ष’ नाम से पुकारा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होंगी| २०१० में हुए घोटालो में आदर्श सोसाइटी घोटाला, CWG घोटाला , 2G स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला, और अभी-अभी प्रकाश में आया LIC Housing घोटाला प्रमुख रूप से सुर्खियों में छाये रहे|
CWG इस वर्ष का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है | खेल के इस महाकुम्भ के आयोजन में जिस तरह पैसा पानी की तरह बहाया गया , वह हमारी आर्थिक और राजनैतिक जिम्मेदारियों पर प्रश्नचिन्ह लगाता है | आंकड़ो के मुताबिक़ खेल के आयोजन में प्रस्तावित बजट से १७ गुना राशि आवंटित की गयी | और इस राशि का सही तरीके से इस्तमाल भी नहीं किया गया | घटिया दर्जे की निर्माण सामग्री के इस्तमाल के कारण सड़के , पुल , मैदान और खिलाडियों के रहने के लिए बनाया गया खेल गाँव का निर्माण बेहद निम्न स्तर पर हुआ , जिस कारन भारत को दुनिया भर से आलोचनाओ का सामना करना पड़ा | मजदूरों को भी कम तनख्वाह पर काम कराया गया | कई जाने -माने खिलाडियों ने खेल में भाग लेने से मन कर दिया | जवाबदेही के नाम पर आरोप -प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया और प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करने की नौबत आ पड़ी | बड़े पैमाने पर हुए इस घोटाले ने भविष्य में भारत में आयोजित होने वाले खेल प्रतियोगिताओ पर प्रश्नचिन्ह सा लगा दिया की क्या भारत में , जहा 40% आबादी दो जूनकी रोटी को तरसती है और जहाँ खेल सुविधाओं के नाम पर क्रिकेट का मैदान ही नजर आता है , इस तरह के आयोजन उचित है ?
पुरे महाराष्ट्र को हिला कर रख देने वाला ‘आदर्श सोसाइटी ’ घोटाला भी काफी चर्चित रहा | कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानो के परिवार वालो के निवास के लिए बनायीं गयी आदर्श सोसाइटी में mantriyo की बेनामी संपत्ति के कारन राज्य में शासन करने वाली पार्टी को भारी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी | यहाँ तक की राज्य के मुख्यमंत्री का इस घोटाले में नाम उछला , जिसके परिणामस्वरूप उन्हें इस्तीफा देना पड़ा | यहाँ भी आरोप -प्रत्यारोप का दौर काफी लम्बा चला और पार्टी हाईकमान को हस्तक्षेप करना पड़ा | यह तो जांच प्रक्रिया के बाद ही दोषियों का पता चलेंगा , पर शहीदों के बलिदान पर अपनी रोटियाँ सकने वाले नेताओ के कारण भारत की रुंह काँप उठी |
2G स्पेक्ट्रुम के आवंटन में हुए घोटाले ने आवंटन निति की पोल खोल कर रख दी | CAG की रिपोर्ट के मुताबिक इस आवंटन में सरकार को 1.७६ हज़ार करोड़ रुपये का नुक्सान | दूरसंचार सुविधाओं को कम दामो पर आम आदमी के लिए उपलब्ध करने के नाम पर सरकार को 1.७६ हज़ार करोड़ की वित्तीय हानि उठानी पड़ी | इस राशि का उपयोग बुनियादी सुविधाओं को सुधरने के साथ साथ , शिक्षा प्रसार आदि कार्यों में लगाया जा सकता था | फलतः दूरसंचार मंत्री को अपना इस्तीफा सौपना पड़ा , परन्तु सरकार को विपक्ष की तरफ से भरी विरोध का सामना करना पड़ा | कई बार आम आदमी के नाम पर किस तरह ठगा जाता है इसका जीता जागता उदाहह्रण यह घोटाला है |
आम आदमी में यह धारणा बन चुकी है की बड़ी परियोजनाओ के साथ बड़े घोटाले भी जुड़ जाते है | इस धारणा को बदलने का काम सर्कार का है ताकि लोगो का लोकतंत्र पर से भरोसा न उठे | प्रशासन इसमें कितना कामियाब होता है यह तो भविष्य ही बतायेंग |
Suyog Sarda.

Categories: Hindi Tags: , ,
  1. No comments yet.
  1. No trackbacks yet.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: